यूरोप में पर्यटक आवास की मांग 2036 तक 32% बढ़ सकती है
Tourism Economics के अनुमान में सालाना 1.6 अरब से अधिक अतिरिक्त रात्रि-ठहराव और घरेलू मांग से तेज़ अंतरराष्ट्रीय यात्रा वृद्धि का अनुमान
मंगलवार, 3 नवंबर 2026
Tourism Economics के एक अनुमान के मुताबिक, 2026 से 2036 के बीच यूरोप में पर्यटक आवास की मांग 32% बढ़ सकती है। Accor के एक बयान में उद्धृत इस अनुमान के अनुसार, 2026 की तुलना में इस अवधि के अंत तक सालाना 1.6 अरब से अधिक अतिरिक्त रात्रि-ठहराव होंगे। यह बयान सोमवार, 2 नवंबर को उद्योग प्रकाशन TendanceHotellerie ने प्रकाशित किया।
यह अनुमान यूरोप के 47 देशों को शामिल करता है और पहले से हो चुकी वृद्धि के बजाय भविष्य का एक परिदृश्य प्रस्तुत करता है। प्रकाशन के मुताबिक, पूर्वानुमान जून 2026 में तैयार किए गए थे। ये अगले दशक में यात्रा की मांग के लगातार बढ़ने का संकेत देते हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के घरेलू यात्रा से तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है।
अध्ययन के अनुसार, 2026-2036 की अवधि में पूरे यूरोप में अंतरराष्ट्रीय रात्रि-ठहराव 42% बढ़ेंगे, जबकि घरेलू रात्रि-ठहराव में 24% की वृद्धि होगी। यानी अंतरराष्ट्रीय यात्रा की वृद्धि घरेलू मांग से 18 प्रतिशत अंक तेज़ होगी। 2036 तक, पूरे क्षेत्र में सालाना अपेक्षित अतिरिक्त रात्रि-ठहराव में से करीब 1 अरब अकेले अंतरराष्ट्रीय यात्रा से आएंगे।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि अगले दशक में यूरोप में आवास क्षेत्र की वृद्धि का बड़ा हिस्सा अपने देश के भीतर यात्रा करने वाले निवासियों के बजाय सीमाएं पार करके आने वाले यात्रियों से होगा। इस बदलाव का असर होटल संचालकों, एयरलाइनों, पर्यटन बोर्डों और बुनियादी ढांचे की योजना बनाने वालों पर पड़ सकता है, खासकर उन बाज़ारों में जो लंबी दूरी और यूरोप के भीतर की यात्रा की मांग आकर्षित करना चाहते हैं।
पूर्वानुमान मध्य और पूर्वी यूरोप के कुछ हिस्सों तथा बाल्कन में औसत से अधिक वृद्धि का भी संकेत देता है। इससे पता चलता है कि वृद्धि केवल क्षेत्र के सबसे बड़े या सबसे स्थापित पर्यटन बाज़ारों तक सीमित नहीं रह सकती। यदि यह रुझान बना रहता है, तो पारंपरिक रूप से यूरोपीय यात्रियों का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा आकर्षित करने वाले गंतव्यों पर कमरों की उपलब्धता, परिवहन संपर्कों और पर्यटन सेवाओं का विस्तार करने का दबाव बढ़ सकता है।
चूंकि इस अनुमान में रात्रि-ठहराव के आधार पर आवास की मांग मापी गई है, इसलिए यह भविष्य की यात्रा से क्षेत्र की आवास क्षमता पर पड़ने वाले दबाव की व्यापक तस्वीर पेश करता है। 2036 तक हर साल 1.6 अरब से अधिक अतिरिक्त रात्रि-ठहराव का मतलब होगा कि होटल के कमरों और अन्य सशुल्क आवासों में ठहरने वाले मेहमानों की संख्या में बड़ी वृद्धि होगी। संचालकों और निवेशकों के लिए इसका असर नए निर्माण, नवीनीकरण, कर्मचारियों की नियुक्ति और मूल्य निर्धारण से जुड़े फैसलों पर पड़ सकता है। सरकारों और स्थानीय प्राधिकरणों के लिए, अधिक आवाजाही वाले इलाकों में परिवहन योजना, श्रमबल की जरूरतों और पर्यावरण प्रबंधन पर इसका असर हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय मांग पर अध्ययन का जोर उन शहरों और रिसॉर्ट क्षेत्रों के लिए खास तौर पर अहम है जो हवाई सेवाओं और सीमा-पार यात्रा पर काफी निर्भर हैं। मजबूत हवाई संपर्क, प्रमुख रेल मार्गों या वीज़ा की आसान उपलब्धता वाले बाज़ार अपेक्षित वृद्धि में बड़ा हिस्सा हासिल करने की बेहतर स्थिति में हो सकते हैं। साथ ही, यह पूर्वानुमान इन बाज़ारों की आर्थिक परिस्थितियों, ईंधन लागत, विनिमय दरों और विमानन क्षमता में बदलावों के प्रति संवेदनशीलता भी रेखांकित करता है।
स्रोत सामग्री स्पष्ट करती है कि ये आंकड़े पूर्वानुमान हैं, नवंबर 2026 के सांख्यिकीय आंकड़ों का अद्यतन नहीं। वे जून 2026 में उपलब्ध अनुमानों पर आधारित हैं और आर्थिक वृद्धि, घरेलू खर्च, भू-राजनीति तथा परिवहन नेटवर्क में बदलाव के साथ बदल सकते हैं। इसलिए 32% की वृद्धि को Tourism Economics के मॉडल किए गए परिदृश्य के तहत आवास की मांग की संभावित दिशा के अनुमान के रूप में देखना चाहिए, न कि एक निश्चित नतीजे के तौर पर।
फिर भी, इस अनुमान का पैमाना उल्लेखनीय है। यूरोप पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े पर्यटन बाज़ारों में शामिल है और हर साल 1.6 अरब से अधिक अतिरिक्त रात्रि-ठहराव का मतलब होगा कि होटल, रिसॉर्ट, सर्विस्ड अपार्टमेंट और आवास की अन्य श्रेणियों में यात्रियों की आवाजाही में काफी वृद्धि होगी। पूर्वानुमान यह भी संकेत देता है कि समय के साथ मेहमानों की संरचना बदल सकती है और विदेशों के स्रोत बाज़ारों से आने वाले यात्रियों का अनुपात बढ़ सकता है।
बड़े होटल समूहों के लिए, ये निष्कर्ष तेज़ी से बढ़ते गंतव्यों में कमरों की संख्या बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को लक्षित ब्रांडों का विस्तार करने की रणनीतियों को और बल दे सकते हैं। छोटे संचालकों और स्वतंत्र होटलों के लिए रिपोर्ट अवसर और जोखिम, दोनों की ओर इशारा करती है: मांग बढ़ने से कमरों की अधिभोग दर बढ़ सकती है, लेकिन तभी जब होटल यात्रियों की बदलती अपेक्षाओं और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के अनुरूप खुद को ढाल सकें।
यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब यूरोपीय यात्रा उद्योग कई वर्षों की उथल-पुथल और बाज़ार के असमान प्रदर्शन के बाद मांग की वापसी और उसमें हो रहे बदलावों पर करीब से नज़र रख रहा है। अंतरराष्ट्रीय रात्रि-ठहराव में तेज़ वृद्धि और महाद्वीप के उभरते हिस्सों में मजबूत गति को रेखांकित करके यह पूर्वानुमान बताता है कि उद्योग को भविष्य में दबाव के प्रमुख बिंदु और विकास के बाज़ार कहां नजर आते हैं।
सोमवार, 2 नवंबर को TendanceHotellerie द्वारा प्रकाशित Accor के बयान में इस अध्ययन को भविष्य में आवास क्षमता की जरूरतों और पर्यटन के स्रोत बाज़ारों में बदलावों की पड़ताल के एक तरीके के रूप में पेश किया गया। इसलिए यह पूर्वानुमान केवल होटल मालिकों और यात्रा कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि उन नीति-निर्माताओं के लिए भी प्रासंगिक है जो यह तय कर रहे हैं कि जून 2026 के मॉडल के अनुमान के मुताबिक मांग बढ़ने पर इस वृद्धि का प्रबंधन कैसे किया जाए।