2026 की पहली छमाही में वेनेतो का वाइन निर्यात इटली से तेज़ी से गिरा
वेनेतो में पहली छमाही में वाइन निर्यात 8.4% गिरा, जबकि इटली में 6.2% की गिरावट और फ्रियूली-वेनेज़िया जूलिया में 2.5% की वृद्धि हुई
गुरुवार, 5 नवंबर 2026

2026 की पहली छमाही में वेनेतो इटली का सबसे बड़ा वाइन-निर्यातक क्षेत्र बना रहा, लेकिन विदेशों में उसकी बिक्री राष्ट्रीय औसत से तेज़ी से घटी। इसी अवधि में पड़ोसी क्षेत्र फ्रियूली-वेनेज़िया जूलिया में वृद्धि दर्ज की गई।
बुधवार, 4 नवंबर को Qualivita द्वारा Messaggero Veneto से प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून के बीच वेनेतो ने 1.3 अरब यूरो की वाइन का निर्यात किया, जो 2025 की इसी अवधि से 8.4% कम था। पूरे इटली में साल के पहले छह महीनों में वाइन निर्यात का मूल्य 6.2% गिरा। इसका मतलब है कि वेनेतो की गिरावट राष्ट्रीय गिरावट से 2.2 प्रतिशत अंक अधिक रही।
फ्रियूली-वेनेज़िया जूलिया में इसके उलट रुझान रहा। 2026 की पहली छमाही में वहां वाइन निर्यात 2.5% बढ़कर 121.4 मिलियन यूरो पर पहुंचा। दोनों क्षेत्रों की वृद्धि दरों के बीच 10.9 प्रतिशत अंकों का अंतर रहा। इससे पूर्वोत्तर इटली के भीतर स्पष्ट विभाजन सामने आता है, ऐसे समय में जब देश का वाइन उद्योग कमजोर विदेशी मांग से जूझ रहा है।
ये आंकड़े इसलिए अहम हैं क्योंकि निर्यात मूल्य के लिहाज से वेनेतो देश का सबसे बड़ा क्षेत्रीय वाइन निर्यातक है। गिरावट के बावजूद, आंकड़ों में शामिल छमाही के दौरान वह राष्ट्रीय स्तर पर पहले स्थान पर बना रहा। इसका अर्थ है कि वेनेतो की रफ्तार धीमी पड़ने का इटली के कुल निर्यात प्रदर्शन पर असमान रूप से बड़ा असर पड़ता है—खासकर स्पार्कलिंग वाइन और स्टिल व्हाइट वाइन जैसी श्रेणियों में, जहां इस क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय स्थिति मजबूत है।
4 नवंबर का लेख कोई नया सांख्यिकीय प्रकाशन नहीं था, बल्कि पहले के निर्यात आंकड़ों पर आधारित एक नई रिपोर्ट थी। Gambero Rosso ने 17 सितंबर को ही 2025 की पहली छमाही के मुकाबले हुए इन्हीं बदलावों को प्रकाशित किया था और उनका स्रोत इटली की राष्ट्रीय सांख्यिकी एजेंसी Istat को बताया था। रिपोर्टिंग की यह कड़ी अहम है, क्योंकि नई कवरेज ने उन आंकड़ों को क्षेत्रीय संदर्भ दिया जो व्यापारिक प्रेस में पहले से प्रसारित हो रहे थे।
साल की पहली छमाही में देशभर की व्यापक स्थिति कमजोर बनी रही। उसी रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से जून के बीच इतालवी वाइन कंपनियों के निर्यात की मात्रा में 4% और निर्यात मूल्य में 6.2% की गिरावट आई। इससे संकेत मिलता है कि इस क्षेत्र ने विदेशों में कम वाइन बेची, साथ ही उसे कीमतों या बेचे गए उत्पादों के मिश्रण पर भी दबाव का सामना करना पड़ा। हालांकि, क्षेत्रीय स्तर पर वेनेतो और फ्रियूली-वेनेज़िया जूलिया के लिए तुलनीय निर्यात-मात्रा के आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए। इसलिए ये आंकड़े यह नहीं बताते कि प्रत्येक क्षेत्र में बदलाव का कितना हिस्सा कम मात्रा, कम औसत कीमतों या विदेशों में बेची गई वाइन की अलग संरचना के कारण आया।
Qualivita द्वारा पुनर्प्रकाशित Messaggero Veneto की रिपोर्ट में पूर्वोत्तर के अंगूर-बागान और वाइन उद्योग को देश के कुछ अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक मज़बूत बताया गया, हालांकि वह भी अधिक कठिन बाज़ार का सामना कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेंटिनो-आल्टो अदिजे में वेनेतो से भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई; 2026 के पहले छह महीनों में निर्यात 12.2% घटा। इससे उल्लिखित पूर्वोत्तर क्षेत्रों में फ्रियूली-वेनेज़िया जूलिया सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बना।
लेख में राष्ट्रीय वाइन उद्योग के भीतर बढ़ते दबावों की ओर भी इशारा किया गया। जुलाई के अंत में वाइन की भंडार-मात्रा 16 मिलियन हेक्टोलिटर तक पहुंच गई, जबकि एक साल पहले यह 13.6 मिलियन हेक्टोलिटर थी। भंडार में वृद्धि आम तौर पर बाज़ार में धीमी खपत का संकेत देती है और आने वाले महीनों में उत्पादकों पर उत्पादन, कीमतों और भंडारण का अधिक सावधानी से प्रबंधन करने का दबाव बढ़ा सकती है।
इसके साथ ही, रिपोर्ट में साल के उत्तरार्ध में यूरोपीय संघ के बाहर कुछ सुधार के संकेत भी बताए गए। लेख के अनुसार, तीसरी तिमाही में गैर-ईयू बाज़ारों को निर्यात 8% बढ़ा और अमेरिकी बाज़ार में फिर से मजबूती दिखी। इसके बावजूद, 2026 के पहले नौ महीनों में इटली का कुल वाइन निर्यात प्रदर्शन -3% पर नकारात्मक बना रहा। इससे संकेत मिलता है कि किसी भी सुधार ने साल की कमजोर शुरुआत की भरपाई केवल आंशिक रूप से की।
उत्पादन गतिविधि से एक और अधिक सकारात्मक संकेत मिला। रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में DOC और DOCG वाइन की बोतलबंदी 5% बढ़ी; स्पार्कलिंग वाइन और स्टिल व्हाइट वाइन, दोनों में लगभग +7% की वृद्धि दर्ज की गई। इन श्रेणियों का संबंध पूर्वोत्तर इटली, विशेषकर वेनेतो से है, जहां Prosecco और अन्य व्हाइट वाइन निर्यात बिक्री में अहम भूमिका निभाती हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि पहली छमाही में गिरावट के बावजूद यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर बड़े अंतर से अग्रणी क्यों बना रहा।
Ca’ Foscari University of Venice में कृषि-खाद्य अर्थशास्त्र की प्रोफेसर और Agrifood Lab की निदेशक Christine Mauracher ने Messaggero Veneto से कहा कि इस क्षेत्र की मंदी के पीछे अल्पकालिक और संरचनात्मक, दोनों तरह के दबाव हैं। उन्होंने शुल्क, मुद्रास्फीति, क्रय-शक्ति में कमी और भू-राजनीतिक तनावों को तात्कालिक कारण बताया। इसके साथ ही उन्होंने उपभोक्ता व्यवहार और जलवायु परिस्थितियों में लंबे समय से हो रहे बदलावों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, एकीकृत आपूर्ति शृंखलाओं और Prosecco जैसे उत्पादों के मामले में पूर्वोत्तर को अब भी बढ़त हासिल है, लेकिन वाइन की अन्य श्रेणियों के उत्पादकों को अपनी स्थिति नए सिरे से तय करने, निर्यात गंतव्यों में विविधता लाने और उत्पादन स्तरों में बदलाव करने की जरूरत पड़ सकती है।
इन टिप्पणियों से यह समझने में मदद मिलती है कि वेनेतो और फ्रियूली-वेनेज़िया जूलिया के बीच का अंतर चर्चा का विषय क्यों बना हुआ है। वेनेतो देश का प्रमुख वाइन निर्यात इंजन बना हुआ है, लेकिन पहली छमाही में वहां की गिरावट इटली की कुल गिरावट से अधिक तेज़ थी। इसके उलट, फ्रियूली-वेनेज़िया जूलिया इसी अवधि में निर्यात मूल्य बढ़ाने में सफल रहा। उत्पादकों, व्यापार संगठनों और क्षेत्रीय अधिकारियों के लिए यह अंतर सवाल खड़े करता है कि अंतरराष्ट्रीय मांग की अनिश्चितता बढ़ने के बीच कौन-सी वाइन, बाज़ार और कारोबारी मॉडल बेहतर टिके हुए हैं।