फ्रांस ने 2026 की वाइन फसल का अनुमान बढ़ाकर 36.7 मिलियन हेक्टोलिटर किया
लैंगेदॉक-रूसियों और शारांते में बेहतर पैदावार से अनुमान बढ़ा, लेकिन फ्रांस की वाइन फसल हालिया औसत से अब भी 10% कम
शनिवार, 7 नवंबर 2026

कई प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में पैदावार उम्मीद से बेहतर रहने के बाद फ्रांस ने शुक्रवार, 6 नवंबर को 2026 की वाइन फसल का अपना अनुमान बढ़ा दिया। इसके बावजूद, फसल हालिया इतिहास की सबसे कमजोर फसलों में शामिल रहने की आशंका है।
फ्रांस के कृषि मंत्रालय ने अपने नवीनतम मासिक अनुमान में कहा कि वाइन उत्पादन 36.7 मिलियन हेक्टोलिटर तक पहुंच सकता है, जबकि अक्टूबर में इसका अनुमान 34.9 मिलियन हेक्टोलिटर था। संशोधित आंकड़े के मुताबिक उत्पादन 2025 की फसल से थोड़ा अधिक होगा, जिसे मंत्रालय ने इस सदी की सबसे खराब फसल बताया था। फिर भी यह 2021-2025 के औसत से 10% कम रहेगा।
इस संशोधन से संकेत मिलता है कि आपूर्ति एक महीने पहले खरीदारों और उत्पादकों की अपेक्षा से कुछ बेहतर हो सकती है, हालांकि देश की कुल फसल ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर बनी हुई है। पेय उद्योग के लिए इस बदलाव का असर खरीद योजनाओं, स्टॉक प्रबंधन और कीमतों की उम्मीदों पर पड़ सकता है। इसकी एक वजह यह है कि फ्रांस दुनिया के सबसे बड़े वाइन आपूर्तिकर्ताओं में से एक है और अलग-अलग क्षेत्रों का उत्पादन बिल्कुल अलग दिशाओं में जा रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि अनुमान में बढ़ोतरी की मुख्य वजह लैंगेदॉक-रूसियों और शारांते में उम्मीद से बेहतर पैदावार है। ये दोनों क्षेत्र मिलकर फ्रांस के कुल वाइन उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा देते हैं। मंत्रालय ने शैम्पेन और देश के दक्षिण-पूर्व में भी बेहतर संभावनाओं का उल्लेख किया।
अनुमान बढ़ने के बावजूद, 2026 की फसल पर संरचनात्मक और मौसम संबंधी मुश्किलों का दबाव बना रहा। मंत्रालय की सांख्यिकी सेवा अग्रेस्टे ने कहा कि दाख-बागों का रकबा घटाने की योजना से क्षेत्रफल में कमी आई, जिससे उत्पादन कम हुआ। उसने यह भी कहा कि गर्मियों की लू और सूखे ने पैदावार को नुकसान पहुंचाया, खासकर उत्तरी वाइन क्षेत्रों में।
क्षेत्रवार आंकड़े दिखाते हैं कि देशभर में इस मौसम का असर एकसमान नहीं रहा।
शैम्पेन में उत्पादन 2025 के मुकाबले 38% घटने का अनुमान था। पाला, ओलावृष्टि, सूखे और गर्मियों की लू ने फसल को नुकसान पहुंचाया। बाजार में जारी की जाने वाली बोतलों की अंतिम संख्या केवल फसल पर निर्भर नहीं करती। शैम्पेन उद्योग वैश्विक मांग और बाजार की अन्य स्थितियों को ध्यान में रखकर यह संख्या तय करता है।
बरगंडी-बोजोले में उत्पादन पिछले साल से 22% कम रहने का अनुमान था, जबकि लोयर घाटी में इसके 7% घटने की संभावना जताई गई।
इसके उलट, लैंगेदॉक-रूसियों में 2025 की बेहद कमजोर फसल के मुकाबले 25% बढ़ोतरी का अनुमान था। मंत्रालय ने कहा कि गर्मियों के आखिर में हुई बारिश से वहां सूखे का नुकसान सीमित रखने में मदद मिली। अक्टूबर के अनुमान में मंत्रालय ने इस क्षेत्र के लिए केवल 2% बढ़ोतरी की उम्मीद जताई थी, इसलिए राष्ट्रीय अनुमान में संशोधन की यह एक मुख्य वजह बनी।
बोर्दो में 2025 के मुकाबले 10% अधिक उत्पादन का अनुमान था, लेकिन इसके बावजूद उत्पादन पांच साल के औसत से 11% कम रहने की आशंका थी। मंत्रालय ने कहा कि दाख-बागों को हटाना इस कमी की एक वजह थी।
इटली के बाद फ्रांस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वाइन उत्पादक है। इसलिए उसकी फसल के अनुमानों में होने वाले बदलावों पर उत्पादक, निर्यातक, वितरक और खुदरा विक्रेता बारीकी से नजर रखते हैं। शुरुआती आशंकाओं से बेहतर फसल कुछ श्रेणियों में आपूर्ति संबंधी चिंताएं कम कर सकती है, लेकिन कुल उत्पादन का निचला स्तर और शैम्पेन जैसे क्षेत्रों में भारी गिरावट बताती है कि उपलब्धता और कीमतें मूल क्षेत्र तथा वाइन की शैली के आधार पर काफी अलग हो सकती हैं।
एक हेक्टोलिटर 100 लीटर, या लगभग 133 मानक वाइन बोतलों के बराबर होता है। नवंबर में अनुमान बढ़ाए जाने के बावजूद, फ्रांस की 36.7 मिलियन हेक्टोलिटर की फसल सामान्य स्तरों से काफी नीचे रहेगी। इससे पता चलता है कि राष्ट्रीय स्तर पर मामूली सुधार के बावजूद देश के कुछ सबसे महत्वपूर्ण वाइन क्षेत्रों में भारी नुकसान छिपा रह सकता है।