फ्रांस के स्वास्थ्य संगठन का दावा: Meta पर शराब के 52% विज्ञापनों ने नियम तोड़े
Addictions France ने 20 ब्रांडों के 54 विज्ञापनों की समीक्षा की और कहा कि कई में एविन कानून के तहत प्रतिबंधित जीवनशैली से जुड़ी तस्वीरें थीं
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
फ्रांस के एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठन ने शराब ब्रांडों पर सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए देश में शराब के प्रचार से जुड़े नियमों की सीमाएं लांघने का आरोप लगाया है। इससे पेय कंपनियों की डिजिटल मार्केटिंग को लेकर बहस का एक नया मोर्चा खुल गया है।
Addictions France ने गुरुवार, 5 नवंबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा कि Meta के प्लेटफॉर्म पर दिखाए गए शराब के कई विज्ञापनों में ऐसे संदेश थे जो एविन कानून के तहत स्वीकार्य सीमा से आगे जाते हैं। फ्रांस का यह कानून शराब के विज्ञापन को कड़े ढंग से नियंत्रित करता है। संगठन ने कहा कि उसका नया अध्ययन इस बात की व्यापक तस्वीर पेश करने के लिए था कि शराब विक्रेता ऑनलाइन अपने उत्पादों का प्रचार कैसे करते हैं।
संगठन के मुताबिक, 20 अलग-अलग ब्रांडों के 54 विज्ञापनों के नमूने में से 52% में ऐसे संदेश थे जो कानूनी दायरे से बाहर थे। समीक्षा आंशिक रूप से Meta की विज्ञापन लाइब्रेरी पर आधारित थी। ये सार्वजनिक संग्रह हैं, जिनकी मदद से शोधकर्ता और उपयोगकर्ता कंपनी के प्लेटफॉर्म पर ब्रांडों द्वारा चलाए गए विज्ञापनों की पड़ताल कर सकते हैं।
Le Monde की खबर के मुताबिक, Addictions France ने इस बार अपने अध्ययन के लिए नई पद्धति अपनाई। संगठन ने कहा कि उसकी पिछली दो रिपोर्टों का मुख्य ध्यान इन्फ्लुएंसरों और शराब ब्रांडों के बीच व्यावसायिक साझेदारियों पर था। इस बार उसका उद्देश्य ब्रांडों की व्यापक ऑनलाइन मार्केटिंग गतिविधियों को अधिक प्रत्यक्ष रूप से मापना था, जिसमें सोशल प्लेटफॉर्म पर प्रायोजित सामग्री भी शामिल थी।
Addictions France की वकालत निदेशक Myriam Savy ने कहा कि रिपोर्ट का उद्देश्य शराब की मार्केटिंग की वास्तविकता को अधिक सटीक ढंग से “वस्तुनिष्ठ रूप देना” था। Le Monde की खबर में उद्धृत उनकी टिप्पणी के अनुसार, शोध यह दिखाने के लिए था कि शराब कंपनियां प्लेटफॉर्मों पर उपलब्ध संभावनाओं का इस्तेमाल आकर्षक और अत्यधिक दृश्यात्मक मार्केटिंग करने तथा कानून की सीमाओं को परखने के लिए कैसे करती हैं।
ये निष्कर्ष फ्रांस में लंबे समय से जताई जा रही उस चिंता को और बढ़ाते हैं कि सोशल मीडिया की बनावट विज्ञापनदाताओं के लिए उत्पाद संबंधी जानकारी और जीवनशैली के प्रचार के बीच की रेखा धुंधली करना आसान बना देती है। एविन कानून के तहत शराब के विज्ञापनों पर कड़ी पाबंदियां हैं। जनस्वास्थ्य के पैरोकार वर्षों से कहते आए हैं कि डिजिटल माध्यमों में इन सीमाओं को लागू करना पारंपरिक मीडिया के मुकाबले अधिक कठिन हो सकता है।
Le Monde की रिपोर्ट में दिए गए विवरण के मुताबिक, Addictions France ने दो स्पिरिट ब्रांडों के प्रायोजित विज्ञापनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही। अखबार की उपलब्ध आंशिक सामग्री में उद्धृत अंश के तहत उन ब्रांडों के नाम नहीं बताए गए, लेकिन इस कदम से संकेत मिलता है कि संगठन अपने निष्कर्षों को अदालत तक ले जाना चाहता है, न कि केवल सार्वजनिक आलोचना तक सीमित रहना।
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब बड़े प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्मों द्वारा संचालित विज्ञापन संग्रहों का इस्तेमाल वकालत समूह, नियामक और शोधकर्ता ऑनलाइन कंपनियों के प्रचार और दर्शकों को लक्षित करने के तरीकों की जांच के लिए तेजी से कर रहे हैं। इस मामले में Addictions France ने कहा कि Meta की विज्ञापन लाइब्रेरी ने उसे कई ब्रांडों के अभियान देखने और फ्रांसीसी कानून की सीमाओं से उनकी तुलना करने का तरीका दिया।
पेय उद्योग के लिए यह मुद्दा एक वकालत समूह के साथ विवाद से कहीं व्यापक है। यह रिपोर्ट फ्रांस में काम कर रहे वाइन उत्पादकों, बीयर निर्माताओं, डिस्टिलरों और अन्य शराब कंपनियों की डिजिटल मार्केटिंग रणनीतियों के लिए कानूनी जोखिम और नियामकीय दबाव बढ़ा सकती है। निष्कर्षों को चुनौती दी जाए, तब भी इस रिपोर्ट से प्रायोजित पोस्ट, ब्रांडों द्वारा तैयार दृश्य सामग्री और उन व्यापक सोशल मीडिया अभियानों पर जांच तेज होने की संभावना है, जो उत्पाद के सीधे दावों के बजाय सौंदर्यपरक प्रस्तुति और जीवनशैली के संकेतों पर निर्भर करते हैं।
यह विवाद फ्रांस और अन्य जगहों के नियामकों के सामने मौजूद एक व्यापक सवाल को भी उजागर करता है: क्या मौजूदा विज्ञापन कानून, जिनमें से कई इन्फ्लुएंसर संस्कृति और प्लेटफॉर्म-आधारित विज्ञापन प्रणालियों के उभार से पहले लिखे गए थे, ऑनलाइन प्रचार के मौजूदा रूपों पर प्रभावी ढंग से लागू किए जा सकते हैं? Addictions France का तर्क है कि कम-से-कम कई मामलों में ऐसा नहीं हो पा रहा है और ब्रांड पहले से ही प्रवर्तन की खामियों का फायदा उठा रहे हैं।
समीक्षित स्रोत सामग्री में न तो Meta और न ही रिपोर्ट में चर्चा किए गए शराब ब्रांडों की कोई टिप्पणी उद्धृत की गई। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि कंपनियां आरोपों पर क्या जवाब देंगी और Addictions France द्वारा पहचाने गए विज्ञापनों की व्याख्या को चुनौती देंगी या नहीं। लेकिन रिपोर्ट का प्रकाशन और उससे जुड़ी संभावित कानूनी कार्रवाई फ्रांस में सोशल मीडिया पर शराब की मार्केटिंग की सीमाओं को लेकर बहस तेज कर सकती है।