चीन के बाहर एशिया-प्रशांत में होटल विकास परियोजनाएं रिकॉर्ड 2,684 पर

जून से चीन की होटल परियोजना पाइपलाइन 2.3% घटी, जिससे एशिया-प्रशांत के होटल विकास बाजार में अंतर और स्पष्ट हुआ

गुरुवार, 5 नवंबर 2026

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Lodging Econometrics के अनुसार, एशिया-प्रशांत में होटल विकास दो अलग दिशाओं में बढ़ रहा है। चीन के बाहर परियोजना पाइपलाइन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जबकि तीसरी तिमाही के अंत में चीन की पाइपलाइन में मामूली गिरावट आई।

बुधवार, 4 नवंबर को जारी अपनी शरदकालीन रिपोर्ट में होटल डेटा फर्म ने कहा कि चीन को छोड़कर एशिया-प्रशांत में 2,684 परियोजनाएं और 473,560 नियोजित कमरे दर्ज किए गए। Lodging Econometrics के मुताबिक, इस बाजार के लिए उसके रिकॉर्ड में ये दोनों आंकड़े अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं। पाइपलाइन के आंकड़े में निर्माणाधीन होटल, अगले 12 महीनों में निर्माण शुरू करने वाली परियोजनाएं और शुरुआती योजना के चरण में मौजूद परियोजनाएं शामिल हैं। इसमें विकासाधीन परियोजनाओं और कमरों की संख्या दर्ज होती है, न कि पहले से खुले होटल या उनका कोई मौद्रिक मूल्य।

आंकड़े क्षेत्र के भीतर स्पष्ट अंतर दिखाते हैं। फर्म की 6 अगस्त की ग्रीष्मकालीन रिपोर्ट की तुलना में, चीन के बाहर पाइपलाइन में 178 परियोजनाओं यानी 7.1% की वृद्धि हुई। जून के अंत में इनकी संख्या 2,506 थी, जो सितंबर के अंत तक 2,684 हो गई। चीन के बाहर नियोजित कमरों की संख्या 20,588 यानी 4.5% बढ़कर 452,972 से 473,560 हो गई।

इसी अवधि में चीन की दिशा इसके उलट रही। Lodging Econometrics ने बताया कि चीन की पाइपलाइन में 81 परियोजनाओं यानी 2.3% की गिरावट आई। जून के अंत में 3,588 परियोजनाएं थीं, जो सितंबर के अंत में घटकर 3,507 रह गईं। चीन में नियोजित कमरों की संख्या 11,055 यानी 1.7% घटकर 632,256 से 621,201 हो गई।

ये आंकड़े व्यापक एशिया-प्रशांत होटल बाजार के भीतर बढ़ते अंतर की ओर इशारा करते हैं। कुल संख्या के लिहाज से चीन के बाहर की पाइपलाइन अभी भी चीन से छोटी है, लेकिन इसकी वृद्धि तेज है। परियोजनाओं और कमरों—दोनों के मामले में चीन क्षेत्र का सबसे बड़ा विकास बाजार बना हुआ है, लेकिन वहां लंबित आपूर्ति में नरमी आई है, जबकि शेष एशिया-प्रशांत में परियोजनाएं लगातार बढ़ी हैं।

Lodging Econometrics ने चीन के बाहर सालाना आधार पर अधिक मजबूत वृद्धि भी दर्ज की। एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में, चीन को छोड़कर पाइपलाइन में परियोजनाओं की संख्या 19% और कमरों की संख्या 9% बढ़ी। यह अंतर बताता है कि परियोजनाओं की संख्या उनसे जुड़े कमरों की संख्या से तेज गति से बढ़ रही है—यानी परियोजनाओं की गिनती में वृद्धि औसत आकार में वृद्धि से अधिक रही।

चीन के बाहर विस्तार का मुख्य आधार भारत बना हुआ है। देश में 1,165 परियोजनाएं और 153,801 कमरे दर्ज किए गए, जो चीन को छोड़कर एशिया-प्रशांत की कुल परियोजनाओं का 43% है। इससे चीन के बाहर क्षेत्र के किसी भी अन्य बाजार के मुकाबले भविष्य के होटल विकास में भारत की हिस्सेदारी कहीं बड़ी हो जाती है। साथ ही, यह तिमाही के रिकॉर्ड कुल आंकड़े में भारत को एक केंद्रीय बाजार बनाता है।

रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि चीन के बाहर पाइपलाइन की बड़ी संख्या में परियोजनाएं अभी खुलने से काफी दूर हैं। क्षेत्रीय पाइपलाइन की 2,684 परियोजनाओं में से 1,243 शुरुआती योजना के चरण में थीं और 1,007 तीसरी तिमाही के अंत में निर्माणाधीन थीं। बाकी परियोजनाओं का निर्माण अगले 12 महीनों में शुरू होना तय था। यह स्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पता चलता है कि अपेक्षित आपूर्ति का बड़ा हिस्सा अभी पूरा होने के करीब नहीं है और बाजार तक पहुंचने से पहले इसमें बदलाव हो सकता है।

साल के पहले नौ महीनों में वास्तव में खुले होटलों की संख्या विकासाधीन परियोजनाओं की संख्या से काफी कम रही। Lodging Econometrics के अनुसार, जनवरी से सितंबर तक चीन के बाहर 32,299 कमरों वाले 261 होटल खुले। इसी अवधि में चीन में 96,036 कमरों वाले 685 होटल खुले।

होटल खुलने के ये आंकड़े बताते हैं कि विकास पाइपलाइन को उपलब्ध आपूर्ति के समान नहीं समझना चाहिए। पाइपलाइन में अलग-अलग चरणों की भविष्य की परियोजनाएं शामिल होती हैं, जिनमें से कई को खुलने में कई साल लग सकते हैं। यह आंकड़ा यह भी अलग से नहीं बताता कि बदलाव में नई घोषित परियोजनाओं, निर्माण के अगले चरणों तक पहुंचने वाली परियोजनाओं, पूरे होकर खुल चुके होटलों, रद्दीकरण या मौजूदा योजनाओं में संशोधन का कितना योगदान है।

चीन में यह अंतर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहां छोटी हुई पाइपलाइन अपने आप में किसी एक कारण की पुष्टि नहीं करती। लंबित परियोजनाओं की संख्या घटने का कारण होटलों का खुलकर पाइपलाइन से बाहर होना, परियोजनाओं का टलना या रद्द होना, अथवा डेवलपरों द्वारा योजनाओं में संशोधन करना हो सकता है। Lodging Econometrics के आंकड़े पाइपलाइन के मुख्य कुल आंकड़ों में इन कारकों का अलग-अलग विवरण नहीं देते।

इसके बावजूद, तिमाही के अंत के आंकड़े दिखाते हैं कि तेजी कहां सबसे अधिक है। चीन के बाहर परियोजनाओं की संख्या में वृद्धि, कमरों की संख्या में वृद्धि से अधिक रही और बाजार दोनों मापों में नए उच्च स्तर पर पहुंचा। चीन में जून के स्तरों से दोनों संकेतक नीचे आए, हालांकि चीन को छोड़कर शेष एशिया-प्रशांत की तुलना में देश की कुल पाइपलाइन अब भी बड़ी है।

आंकड़े यह भी रेखांकित करते हैं कि भविष्य में होटल विकास कुछ ही बाजारों में कितना केंद्रित है। भारत की बड़ी हिस्सेदारी का अर्थ है कि चीन के बाहर क्षेत्रीय रुझान काफी हद तक देश की विकास गतिविधियों पर निर्भर है। वहीं, चीन को छोड़कर एशिया-प्रशांत में शुरुआती चरण की परियोजनाओं की बड़ी संख्या दिखाती है कि दर्ज की गई वृद्धि का बड़ा हिस्सा खुलने से ठीक पहले के अंतिम चरणों के बजाय अभी प्रारंभिक अवस्था में है।

Lodging Econometrics ने इन आंकड़ों को तीसरी तिमाही के अंत में होटल विकास पाइपलाइन की स्थिति के एक स्नैपशॉट के रूप में प्रस्तुत किया। निवेशकों, संचालकों और स्थानीय पर्यटन बाजारों के लिए यह रिपोर्ट बताती है कि भविष्य की आपूर्ति कहां नियोजित है, लेकिन यह गारंटी नहीं देती कि उस आपूर्ति का कितना हिस्सा आखिरकार उपलब्ध होगा या कब खुलेगा।

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