ब्रिटेन के अक्टूबर बजट से पहले हीली ने पबों को कोई नई कर राहत नहीं दी
हॉस्पिटैलिटी समूहों के मुताबिक 2026 के पहले नौ महीनों में 295 पब स्थायी रूप से बंद हुए; VAT को 10% करने की मांग तेज़
शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026
ब्रिटेन का पब और हॉस्पिटैलिटी उद्योग अब भी कर राहत को लेकर स्पष्टता का इंतज़ार कर रहा है। वित्त मंत्री हीली ने बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की वार्षिक बैठकों के दौरान सरकार की आर्थिक प्राथमिकताएं बताईं, जबकि शरदकालीन बजट 28 अक्टूबर को पेश किया जाना है।
गुरुवार को हीली ने कहा कि मध्य पूर्व और यूक्रेन में संघर्ष से ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं और सरकार की उधारी लागत में इज़ाफा हो रहा है, जिससे कारोबारों और परिवारों पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था अब भी लचीली बनी हुई है और बजट का मकसद अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के दौर में इस लचीलेपन की रक्षा करना होगा।
बयान के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में हीली ने कहा कि सरकार “कारोबार की लागत को भी पहचानती है, सिर्फ़ जीवनयापन की लागत को नहीं।” उन्होंने आगे कहा कि मंत्री बजट में कंपनियों और परिवारों को “थोड़ी राहत की गुंजाइश” देने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
पब संचालकों और हॉस्पिटैलिटी समूहों ने इन टिप्पणियों पर बारीकी से नज़र रखी। क्षेत्र में लागत बढ़ने के साथ वे तत्काल अधिक सहायता की मांग कर रहे हैं। हीली ने परिवारों और कारोबारों की मदद के आधार के रूप में राजकोषीय अनुशासन का ज़िक्र किया, लेकिन अपने ताज़ा बयान में हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के लिए कोई नया विशेष उपाय घोषित नहीं किया।
इससे कई संचालकों का ध्यान अब बजट पर है, जहां उन्हें उम्मीद है कि सरकार कम करों और संचालन लागत में व्यापक राहत की बार-बार उठाई जा रही मांगों पर कदम उठाएगी। व्यापार संगठनों का कहना है कि पिछले दो वर्षों में पब, रेस्तरां और बार पर दबाव बढ़ा है, क्योंकि श्रम, उपयोगिताओं और अन्य खर्चों में इज़ाफा हुआ है।
इस सप्ताह की शुरुआत में हीली ने डाउनिंग स्ट्रीट में खुदरा, हॉस्पिटैलिटी, अवकाश और लघु-व्यवसाय क्षेत्रों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इनमें UKHospitality के प्रतिनिधि भी शामिल थे। बैठक की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत में बजट से पहले कारोबारों के सामने बढ़ती लागतों के साथ-साथ निवेश, भर्ती और विकास को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर चर्चा हुई।
हॉस्पिटैलिटी समूहों का तर्क है कि करों का बोझ अब इस क्षेत्र के अस्तित्व के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। अभियान को 400,000 से अधिक हस्ताक्षर मिलने के बाद उद्योग जगत के नेताओं ने इस सप्ताह #VATsTheProblem याचिका डाउनिंग स्ट्रीट को सौंपी। अभियान में हॉस्पिटैलिटी के लिए मूल्यवर्धित कर (VAT) की दर 20% से घटाकर 10% करने की मांग की गई है।
UKHospitality ने सरकार से नियोक्ताओं के National Insurance योगदान घटाने की भी अपील की है। संगठन का कहना है कि पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र पर 5 अरब पाउंड से अधिक की अतिरिक्त लागत का बोझ पड़ा है। व्यापार समूहों के मुताबिक, इन बढ़े हुए खर्चों से लाभ मार्जिन घटा है, निवेश सीमित हुआ है और संचालकों के लिए अपने प्रतिष्ठान खुले रखना कठिन हुआ है—खासकर बड़े शहरों से बाहर।
British Beer & Pub Association के नए आंकड़े दबाव का पैमाना दिखाते हैं। संगठन ने बताया कि 2026 के पहले नौ महीनों में 295 पब स्थायी रूप से बंद हुए और अनुमान जताया कि आगे कोई कदम न उठाए जाने पर साल के अंत तक यह संख्या 360 तक पहुंच सकती है। आमने-सामने होने वाले खर्च पर काफी निर्भर उद्योग के लिए इन बंदियों के व्यापक असर पेय निर्माताओं और वितरकों पर भी पड़ते हैं, क्योंकि कर और संचालन लागत पबों तथा बारों में बीयर, वाइन और स्पिरिट की बिक्री को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।
सरकार अप्रैल 2027 से पबों, सामाजिक क्लबों और लाइव संगीत स्थलों के लिए कारोबारी संपत्ति कर (business rates) में 20% कटौती का वादा कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि इस उपाय से करीब 32,000 प्रतिष्ठानों को मदद मिलेगी और एक सामान्य पब को सालाना लगभग 1,100 पाउंड की बचत होगी। लेकिन कई संचालकों का कहना है कि मौजूदा नकदी प्रवाह के दबाव को देखते हुए यह सहायता बहुत देर से मिल रही है और इसका दायरा भी सीमित है।
वे अब भी इस राहत के पात्रों को लेकर अधिक जानकारी और इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि क्या बजट में कारोबारी संपत्ति करों में व्यापक सुधार शामिल होगा। इस अनिश्चितता से क्षेत्र की चिंता बढ़ी है। कई मालिकों का कहना है कि कर्मचारियों, कीमतों और निवेश से जुड़े फैसले अब बहुत लंबे समय तक टाले नहीं जा सकते।
बैंकॉक में हीली की टिप्पणियों से सरकार की यह कोशिश झलकी कि आने वाले बजट को सतर्कता और लक्षित सहायता के बीच संतुलन के रूप में पेश किया जाए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आर्थिक लचीलेपन पर ज़ोर दिया। इससे संकेत मिला कि उधारी लागत बढ़ने के दौर में मंत्री ऐसी प्रतिबद्धताएं करने को लेकर सतर्क हैं, जो सार्वजनिक वित्त को कमज़ोर कर सकती हैं।
हालांकि, हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की प्रतिक्रिया व्यापक बयानों के बजाय इस बात पर निर्भर करेगी कि बजट में वास्तव में क्या शामिल होता है। पब और रेस्तरां संचालक बढ़ती लागतों को मान्यता देने के साथ-साथ ऐसे कदमों की मांग कर रहे हैं जो निकट भविष्य में उन्हें कम कर सकें। क्षेत्र के कई कारोबारों का तर्क है कि VAT, पेरोल करों या कारोबारी संपत्ति करों में मामूली बदलाव भी और प्रतिष्ठानों के बंद होने से पहले बड़ा फर्क ला सकता है।
पबों पर दबाव खास तौर पर अहम है, क्योंकि उनका कारोबारी मॉडल एक साथ कई बढ़ती लागतों से प्रभावित होता है। ऊर्जा बिलों का असर रेफ्रिजरेशन, हीटिंग और रसोई के संचालन पर पड़ता है। वेतन लागत से कर्मचारियों की संख्या और खुलने के घंटे तय होते हैं। करों में बदलाव मेनू की कीमतों और उपभोक्ता मांग को प्रभावित कर सकते हैं। इसका असर पेय कारोबार तक भी पहुंच सकता है, क्योंकि पबों में कारोबार कमज़ोर होने से उन ब्रुअरी, वाइन उत्पादकों, साइडर निर्माताओं और स्पिरिट आपूर्तिकर्ताओं की बिक्री घट सकती है जो हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की बिक्री पर निर्भर हैं।
फिलहाल, चांसलर ने “राहत की गुंजाइश” देने का वादा किया है, लेकिन क्षेत्र के लिए कोई नई विशेष योजना पेश नहीं की है। अब उद्योग 28 अक्टूबर के बजट पर नज़र रखेगा कि क्या सरकार कारोबारों के लिए सामान्य सहायता से आगे बढ़कर उन खास कर और लागत संबंधी दबावों से निपटेगी, जिन्हें पब संचालक अधिक प्रतिष्ठानों के बंद होने की वजह बता रहे हैं।