2026 की पहली छमाही में ब्राज़ील का वाइन आयात 9.1% बढ़ा
खर्च 234.1 मिलियन यूरो तक पहुंचा। औसत कीमतों में गिरावट से सस्ती पैकेज्ड वाइन की बढ़ती मांग का संकेत मिलता है।
शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

ब्राज़ील ने 2026 की पहली छमाही में वाइन का आयात बढ़ाया। ब्राज़ील के सीमा शुल्क के आंकड़ों के अनुसार, मूल्य और मात्रा—दोनों में खरीद बढ़ी, क्योंकि उपभोक्ताओं और आयातकों ने दक्षिण अमेरिका और यूरोप के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं से अधिक पैकेज्ड वाइन खरीदी। इन आंकड़ों का विश्लेषण स्पेन के अंतर-पेशेवर वाइन संगठन (OIVE) ने किया है।
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जून के दौरान ब्राज़ील ने 234.1 मिलियन यूरो की वाइन आयात की, जो एक साल पहले की समान अवधि से 5.9% अधिक है। आयात की मात्रा इससे तेज़ी से बढ़ी और 9.1% की बढ़ोतरी के साथ 79.4 मिलियन लीटर पर पहुंच गई। खर्च की तुलना में मात्रा में अधिक वृद्धि के कारण आयात की औसत कीमत 2.9% गिरकर 2.95 यूरो प्रति लीटर रह गई।
रिपोर्ट में शामिल लगभग पूरा बाजार पैकेज्ड वाइन का था, जिसमें स्पार्कलिंग वाइन, बोतलबंद स्टिल वाइन और बैग-इन-बॉक्स प्रारूप शामिल हैं। इस श्रेणी में भी ब्राज़ील का आयात 234.1 मिलियन यूरो तक पहुंचा, जो 5.9% अधिक है, जबकि मात्रा 9.1% बढ़कर 79.3 मिलियन लीटर हो गई। पैकेज्ड वाइन की औसत कीमत भी कुल रुझान के अनुरूप 2.9% गिरकर 2.95 यूरो प्रति लीटर रही।
ब्राज़ील के आयात में बल्क वाइन की हिस्सेदारी कम रही, लेकिन इसका रुझान अलग था। OIVE के मुताबिक, वर्ष की पहली छमाही में बल्क वाइन का आयात मूल्य के लिहाज से 23% घटा, जबकि मात्रा 70.4% बढ़ी। मिलियन में पूर्णांक तक राउंड करने पर मूल्य और मात्रा के आंकड़े क्रमशः 0 मिलियन यूरो और 0 मिलियन लीटर बताए गए, जो बाजार के इस खंड के बेहद छोटा होने को दर्शाते हैं। बल्क वाइन की औसत कीमत में तेज़ गिरावट आई और वह 54.8% घटकर 1.26 यूरो प्रति लीटर रह गई।
2026 की पहली छमाही में चिली ब्राज़ील का सबसे बड़ा विदेशी वाइन आपूर्तिकर्ता बना रहा—बाकी सभी से काफी आगे। मूल्य के लिहाज से चिली ने ब्राज़ील को 92.9 मिलियन यूरो की वाइन निर्यात की, जो एक साल पहले से 9.6% अधिक है। मात्रा के लिहाज से चिली ने 39.2 मिलियन लीटर वाइन भेजी, जो 11.9% की बढ़ोतरी है। इस तरह ब्राज़ील के बाजार में चिली दोनों मापदंडों पर पहले स्थान पर रहा और अन्य सभी आपूर्तिकर्ताओं से काफी आगे रहा।
अर्जेंटीना दूसरे स्थान पर रहा। 2026 के पहले छह महीनों में ब्राज़ील का अर्जेंटीनी वाइन आयात 39.9 मिलियन यूरो तक पहुंचा। स्रोत के आंकड़ों के अनुसार, 2025 की समान अवधि से इसमें लगभग 1.7% की बढ़ोतरी हुई। मात्रा के लिहाज से अर्जेंटीना ने ब्राज़ील को 13.5 मिलियन लीटर वाइन बेची, जो 14.5% अधिक है। मूल्य और मात्रा—दोनों में पुर्तगाल तीसरे स्थान पर रहा। मात्रा के लिहाज से पुर्तगाल की खेप 6.2% बढ़कर 13.2 मिलियन लीटर हो गई।
OIVE द्वारा उद्धृत सीमा शुल्क आंकड़ों के मुताबिक, चिली, अर्जेंटीना और पुर्तगाल के बाद मूल्य के आधार पर ब्राज़ील के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में फ्रांस, इटली, स्पेन, उरुग्वे, संयुक्त राज्य अमेरिका और जर्मनी शामिल थे। रैंकिंग से पता चलता है कि ब्राज़ील क्षेत्रीय उत्पादकों, खासकर चिली और अर्जेंटीना, पर काफी निर्भर बना हुआ है, जबकि पारंपरिक यूरोपीय निर्यातकों के साथ उसके मजबूत व्यापारिक संबंध भी कायम हैं।
ब्राज़ील को पैकेज्ड वाइन की आपूर्ति करने वाले देशों में मूल्य और मात्रा—दोनों के आधार पर स्पेन छठे स्थान पर रहा। 2026 की पहली छमाही में इस श्रेणी में स्पेन का ब्राज़ील को निर्यात कुल 10 मिलियन यूरो रहा, जो एक साल पहले से 7.2% कम है। मात्रा 8.6% घटकर 3.5 मिलियन लीटर रह गई। इसका मतलब है कि स्पेन ने ऐसे बाजार में अपनी स्थिति खोई, जो कुल मिलाकर बढ़ा, जबकि ब्राज़ील ने आयातित पैकेज्ड वाइन की कुल खरीद बढ़ाई।
आंकड़े बताते हैं कि वर्ष की पहली छमाही में आयातित वाइन की ब्राज़ीलियाई मांग मजबूत बनी रही, लेकिन खरीदारों का रुझान कम औसत कीमतों की ओर गया। पैकेज्ड वाइन की औसत कीमत में गिरावट और मूल्य की तुलना में मात्रा की तेज़ वृद्धि से अधिक किफायती उत्पादों की बिक्री बढ़ने या निर्यातकों के बीच मूल्य प्रतिस्पर्धा तेज़ होने का संकेत मिलता है। चिली का प्रदर्शन इस तस्वीर को और पुष्ट करता है: उसने बिक्री मूल्य और खेप की मात्रा—दोनों बढ़ाईं और प्रतिस्पर्धियों पर अपनी बड़ी बढ़त भी कायम रखी।
बाजार के आंकड़े पैकेज्ड और बल्क वाइन के बीच स्पष्ट अंतर भी दिखाते हैं। ब्राज़ील का आयातित वाइन पर लगभग पूरा खर्च पैकेज्ड उत्पादों पर होता रहा, जबकि बल्क वाइन की हिस्सेदारी बहुत मामूली रही और उसकी औसत कीमत में तेज़ गिरावट दर्ज की गई। स्पेन जैसे आपूर्तिकर्ताओं के लिए पहली छमाही के आंकड़े इस चुनौती को रेखांकित करते हैं कि कुल आयात बढ़ने के बावजूद ब्राज़ील में बाजार हिस्सेदारी कैसे कायम रखी जाए, जब प्रतिस्पर्धी दबाव कीमतों पर दबाव बनाए हुए है।