Henkell Freixenet ने अल्कोहल-मुक्त स्पार्कलिंग वाइन के लिए लगाया अरोमा रिकवरी सिस्टम
Wiesbaden स्थित इकाई में Solos की पेटेंटेड तकनीक का उद्देश्य अल्कोहल हटाने की प्रक्रिया में खो जाने वाली प्राकृतिक सुगंधों को सुरक्षित रखना है।
सोमवार, 5 अक्टूबर 2026

Henkell Freixenet जर्मनी के Wiesbaden में अल्कोहल-मुक्त स्पार्कलिंग वाइन का उत्पादन बढ़ा रही है। इसके लिए कंपनी ने Solos Technology का पेटेंटेड अरोमा रिकवरी सिस्टम लगाया है। कंपनियों के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य प्रीमियम वाइन से अल्कोहल हटाने के बाद उसका स्वाद और संवेदी अनुभव बेहतर करना है।
Solos Technology ने रविवार को यह घोषणा की। कंपनी ने बताया कि नया सिस्टम Henkell Freixenet की Wiesbaden इकाई में लगाया जा रहा है, जिसे समूह ने अल्कोहल-मुक्त उत्पादन का अपना विशेषज्ञता केंद्र बताया है। यह निवेश कम या शून्य अल्कोहल वाली वाइन से जुड़ी मुख्य तकनीकी चुनौतियों में से एक पर केंद्रित है: वाइन की पहचान तय करने वाली सुगंधों को बरकरार रखते हुए अल्कोहल कैसे हटाया जाए।
Solos के अनुसार, उसका Aroma Recovery System अल्कोहल हटाए जाने के बाद प्राकृतिक सुगंध यौगिकों को पकड़ता है और फिर उन्हें अंतिम उत्पाद में दोबारा मिलाता है। कंपनी ने कहा कि इसका लक्ष्य पारंपरिक अल्कोहल-मुक्त करने वाली प्रणालियों की तुलना में मूल वाइन के चरित्र को अधिक प्रभावी ढंग से सुरक्षित रखना है।
यह परियोजना ऐसे समय में Henkell Freixenet के वाइन उत्पादन और Solos की अल्कोहल हटाने तथा सुगंध वापस जोड़ने की तकनीक को एक साथ ला रही है, जब अल्कोहल-मुक्त और कम-अल्कोहल पेय पदार्थों का बाजार अधिक प्रतिस्पर्धी हो रहा है। इस क्षेत्र के उत्पादक गुणवत्ता सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उपभोक्ताओं की अपेक्षा बढ़ रही है कि इन उत्पादों का सेवन अनुभव पारंपरिक वाइन के करीब हो।
Henkell Freixenet ने कहा कि वह 30 वर्षों से अल्कोहल-मुक्त स्पार्कलिंग वाइन बना रही है और गुणवत्ता, स्वाद तथा संवेदी चरित्र सुधारने के लिए लगातार निवेश करती रही है। साझेदारी के बारे में कंपनियों की जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र के परिपक्व होने के साथ नई स्थापना इसी काम को आगे बढ़ाने के लिए की गई है।
Solos Technology की मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी Claudia Geyer ने एक बयान में कहा कि इस श्रेणी के विकास का अगला चरण केवल अल्कोहल हटाने पर नहीं, बल्कि मूल वाइन की पहचान को सुरक्षित रखने पर भी निर्भर करेगा। Henkell Freixenet के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी और कार्यकारी बोर्ड के उपाध्यक्ष Eberhard Benz ने कहा कि कंपनी प्रामाणिकता, जटिलता और चरित्र को बेहतर ढंग से बनाए रखने के लिए प्राकृतिक सुगंधों को वापस पाकर सावधानी से दोबारा मिलाना चाहती है।
किसी भी कंपनी ने इस स्थापना की वित्तीय शर्तों या Wiesbaden इकाई में इससे जुड़ने वाली अनुमानित उत्पादन क्षमता का खुलासा नहीं किया।
घोषणा का केंद्र स्पार्कलिंग वाइन है, लेकिन इसके व्यापक निहितार्थ इस श्रेणी से आगे तक जा सकते हैं। पेय उत्पादकों के लिए—विशेषकर वाइन में, लेकिन संभवतः बीयर और स्पिरिट्स में भी—सुगंध को सुरक्षित रखना गुणवत्ता का अहम मुद्दा बन रहा है, क्योंकि कम और शून्य अल्कोहल वाले उत्पाद बाजार के सीमित हिस्से से निकलकर अधिक स्थापित श्रेणी बन रहे हैं। यदि बड़े पैमाने के उत्पादक औद्योगिक प्रणालियों के जरिए स्वाद को बेहतर ढंग से बरकरार रख पाते हैं, तो इससे प्रीमियम अल्कोहल-मुक्त पेय पदार्थों की प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत हो सकती है और पूरे क्षेत्र में अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं।
Solos ने कहा कि यह स्थापना अल्कोहल हटाए गए पेय पदार्थों में अरोमा रिकवरी तकनीक के व्यापक इस्तेमाल की दिशा में एक और कदम है। कंपनी खुद को प्रीमियम कम और शून्य अल्कोहल उत्पादों के लिए अरोमा रिकवरी में वैश्विक विशेषज्ञ बताती है। उसके मुताबिक, पेटेंटेड सिस्टम ठोस-चरण निष्कर्षण तकनीक पर आधारित है और अल्कोहल हटाने के बाद वाइन की मूल सुगंध-छाप को बहाल करने के लिए बनाया गया है।
कंपनी ने यह भी कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए कम और शून्य अल्कोहल वाली वाइन, बीयर और स्पिरिट्स का अनुबंध आधार पर उत्पादन करती है। कंपनी के अनुसार, Solos फिलहाल Spain, California, Germany और Switzerland में काम करती है और Prodalim Group का हिस्सा है।
जर्मनी में मुख्यालय वाली Henkell Freixenet के पोर्टफोलियो में स्पार्कलिंग वाइन, स्थिर वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, उसके ब्रांडों में Sekt, Cava, Prosecco, Champagne और Crémant शामिल हैं। यूरोप और अन्य बाजारों में इन उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ कंपनी ने Wiesbaden इकाई को अल्कोहल-मुक्त उत्पादन के अहम केंद्र के रूप में स्थापित किया है।
घोषणा के साथ जारी सामग्री के अनुसार, Solos के सहयोग से विकसित Henkell Freixenet के पोर्टफोलियो के शुरुआती उत्पादों में से एक Fürst von Metternich Riesling Alcohol-free है। कंपनियों ने यह नहीं बताया कि नई प्रणाली का इस्तेमाल कितने अन्य उत्पादों में हो सकता है या इसे पूरे पोर्टफोलियो में कब तक लागू किया जाएगा।
इस साझेदारी के केंद्र में मौजूद तकनीकी समस्या अल्कोहल हटाकर वाइन बनाने में जानी-पहचानी है। अल्कोहल हटाने से वे वाष्पशील यौगिक भी निकल सकते हैं जो सुगंध, मुंह में महसूस होने वाले एहसास और अंगूर की किस्म की अभिव्यक्ति में योगदान देते हैं। इससे उत्पादकों के लिए पारंपरिक वाइन जैसी जटिलता हासिल करना अक्सर मुश्किल हुआ है। सुगंध को पकड़ने और दोबारा मिलाने पर ध्यान देकर Henkell Freixenet और Solos उन मुख्य कारणों में से एक को दूर करने की कोशिश कर रही हैं, जिनकी वजह से कुछ उपभोक्ता अब भी अल्कोहल-मुक्त वाइन को सामान्य वाइन से कम गुणवत्ता वाला मानते हैं।
इसका समय कम और शून्य अल्कोहल वाले बाजार में हो रहे व्यापक बदलाव को भी दर्शाता है। इस श्रेणी की वृद्धि ने उत्पादकों को केवल अल्कोहल कम करने से आगे बढ़कर प्रीमियम उत्पाद बनाने की दिशा में प्रेरित किया है। ऐसे माहौल में संवेदी गुणवत्ता में सुधार का व्यावसायिक महत्व हो सकता है, खासकर स्पार्कलिंग वाइन में, जहां ताजगी, फल का चरित्र और सुगंध की बारीकियां उपभोक्ताओं के उत्पाद को परखने में अहम भूमिका निभाती हैं।
कंपनियों ने Wiesbaden में इस स्थापना को सीमित तकनीकी परीक्षण के बजाय दीर्घकालीन कदम के रूप में पेश किया। बाजार में इस सिस्टम की प्रभावशीलता उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया और उत्पाद के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी, लेकिन यह कदम दिखाता है कि बड़े पेय समूह पारंपरिक और अल्कोहल-मुक्त उत्पादों के बीच गुणवत्ता का अंतर घटाने वाली उत्पादन विधियों में अधिक संसाधन लगा रहे हैं।