06.05.2026
महाराष्ट्र 1 जून से शराब और स्पिरिट उत्पाद ले जाने वाले सभी वाहनों पर रीयल-टाइम GPS ट्रैकिंग वाले डिजिटल लॉक अनिवार्य करेगा। राज्य का कहना है कि यह कदम भारत के सबसे बड़े शराब बाजारों में से एक में चोरी, अवैध डायवर्जन और कर-चोरी पर लगाम लगाने के लिए उठाया जा रहा है।
मंगलवार को जारी सरकारी आदेश में यह नियम घोषित किया गया, जो महाराष्ट्र के भीतर, राज्य की सीमाओं के पार और बंदरगाहों के जरिए शराब ढोने वाले परिवहन वाहनों पर लागू होगा। यह नियम डिस्टिलरियों से शीरा और रेक्टिफाइड स्पिरिट ले जाने वाले टैंकरों, साथ ही कस्टम्स बॉन्डेड वेयरहाउस से बाहर जाने वाली आयातित विदेशी शराब की खेपों पर भी लागू होगा। एथेनॉल को छोड़कर डिनैचर्ड स्पिरिट ले जाने वाले वाहन भी इसके दायरे में आएंगे।
राज्य आबकारी अधिकारियों ने कहा कि इस प्रणाली का उद्देश्य मैनुअल जांच की जगह इलेक्ट्रॉनिक निगरानी लाना है, जिससे यह वास्तविक समय में पता चल सके कि वाहन कहां है, लॉक किसने खोला और रास्ते में कितना माल पहुंचाया गया। ये लॉक आबकारी विभाग के कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क और सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़े होंगे।
यह फैसला पिछले मई में शुरू किए गए एक पायलट कार्यक्रम के बाद आया है और उन कई अवैध शराब मामलों के बाद लिया गया है, जिनमें परिवहनकर्ताओं और व्यापारियों पर असली बोतलों में नकली शराब और पानी मिलाकर उन्हें कानूनी बाजार से बाहर बेचने का आरोप लगा था। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी प्रथाएं उपभोक्ताओं के लिए स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती हैं और राज्य को राजस्व नुकसान पहुंचाती हैं।
नई व्यवस्था के तहत, महाराष्ट्र के बाहर से किसी अन्य राज्य तक राज्य से होकर शीरा, रेक्टिफाइड स्पिरिट और शराब ले जाने वाले वाहनों पर भी डिजिटल लॉक जरूरी होंगे। सीमा पर जारी Through Transport Pass के साथ महाराष्ट्र में प्रवेश और निकास करने वाले वाहनों पर भी यही शर्त लागू होगी।
सरकार ने कहा कि आपूर्तिकर्ता कंपनियों को संकल्प में तय शर्तों का पालन करना होगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बदलाव से फैक्ट्रियों, डिस्टिलरियों, गोदामों और बंदरगाहों से होने वाले परिवहन पर निगरानी कड़ी होगी और लीकेज कम होंगे।